सोमवार, 10 नवंबर 2008

मालेगांव ब्लास्ट के आरोपियों मकोका

सीबीआई का मानना है कि मालेगांव और नांदेड़ ब्लास्ट का आपस में कोई संबंध जरूर है। 2001 में नागपुर के भोंसला मिल्रिटी स्कूल में एक साथ 54 लोगों ने हथियार व विस्फोटकों की ट्रेनिंग ली थी। इनमें से कुछ के दोनों धमाकों में हाथ होने की आशंका जताई जा रही है।

इन सभी के नाम मालेगांव मामले में गिरफ्तार ले. कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित के लैपटॉप में दर्ज हैं। एटीएस को इस लैपटॉप की शिद्दत से तलाश है। एटीएस ब्लास्ट के सिलसिले में अब तक गिरफ्तार नौ आरोपियों पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कार्रवाई पर विचार कर रही है।

ऐसा हुआ तो आरोपियों को मौजूदा 90 दिन की बजाय 180 दिन तक हिरासत में रखने की अनुमति मिल जाएगी, साथ ही उन्हें कम से कम पांच साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा की सिफारिश भी की जा सकेगी।

सीबीआई करेगी पूछताछ :

सीबीआई के निदेशक अश्विनी कुमार ने रविवार को नई दिल्ली में कहा कि नांदेड़ और मालेगांव ब्लास्ट के बीच संबंध की जांच की जा रही है। जरूरत पड़ी तो एटीएस द्वारा मालेगांव मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, मालेगांव मामले के कुछ आरोपियों ने नांदेड़ ब्लास्ट के आरोपियों से संपर्क की बात मानी है।

क्या हुआ था ट्रेनिंग कैंप में :

भोंसला मिल्रिटी स्कूल के निदेशक सुरेश जोगलेकर का कहना है कि उन्होंने स्कूल परिसर को बजरंग दल को किराए पर दिया था। जोगलेकर ने कहा कि इसके अलावा उन्हें कोई जानकारी नहीं है। ये बातें उन्होंने सीबीआई को पूछताछ में बता दी हैं। सीबीआई का दावा है कि नांदेड़ ब्लास्ट के आरोपियों को इसी कैंप में ट्रेनिंग दी गई थी।

क्या है समानता :

1. नांदेड़ और 29 सितंबर के मालेगांव ब्लास्ट में इस्तेमाल किए गए बमों में एक जैसे निशान थे। 2. सीबीआई को अब लग रहा है कि रमजान के दौरान नांदेड़ में एक मस्जिद के बाहर बम रखने वालों और मालेगांव के आरोपियों के बीच कोई नाता है।

3. नांदेड़ में बम साइकिलों में रखे गए थे, वहीं मालेगांव में मोटरसाइकिलों का उपयोग हुआ था


तो शुरूवात है आगे आगे देखो होता है क्या -हिंदू टाईगर फोर्स नेपाल

वही हिंदू टाईगर फोर्स के अध्यक्ष राम कुमार का कहना है कि ये तो शुरूवात है आगे आगे देखो होता है क्या वे आज नेपाल के विराटनगर में हिंदू सम्मलेन में बोल रहे थे उन्होंने कहा कि पुरे विश्व के मुसलमान हिन्दुओ को मारे तो कोई नही बोलता है जब आज पहली बार ५००० सालो में हिन्दुओ ने पलट कर वार किया है तो सबकी पैंट गीली हो गई है आज तक जितने आतंकवादी पकड़े गए उनमे से १ को भी फाँसी नही हुई जब पहली बार किसी हिंदू ने हमला किया है तो उन पर तरह तरह के आरोप लगाये जा रहे है जब सरकार हिन्दुओ कि रक्षा नही कर सकती है तो अपनी आत्मरक्षा के लिए तो कोई भी हिंदू हथियार उठा लेगा हिंदू अब जाग चुका है अब वो मार नही सहन करेगा बल्कि पलट कर वार जरुर करेगा

साभार कांतिपुर टाईम्स

1 टिप्पणियाँ:

ummed Singh Baid "saadahak " ने कहा…

इनके हैं कर्तव्य सब, उनके हैं अधिकार.
वे मारें पर शान्ति का इनका दारोमदार.
इनका दारोमदार,सजा बिन बात इन्हीं को.
उनको सुविधा, दुविधाओं का जाल इन्हीं को.
कह साधक कवि, बोलो वे कब हुये हैं किनके?
भारत में तो झगङे शाश्वत उनके-इनके.

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