शुक्रवार, 7 नवंबर 2008

साध्वी प्रज्ञासिंह की जांच और मानवाधिकार आयोग

मालेगाँव बम धमाकों की आरोपी साध्वी प्रज्ञासिंह ठाकुर का कालीना विश्वविद्यालय के फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी में वैज्ञानिक परीक्षण किया गया। पुलिस का आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) साध्वी का इससे पहले किए गए ब्रेन मैपिंग परीक्षणों से खुश नहीं था। फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री के अधिकारियों ने साध्वी का हाल ही में किए गए परीक्षण रिपोर्ट में कहा था कि यदि साध्वी का दोबारा परीक्षण किया जाए तो विस्फोट मामले में कुछ ठोस बातें सामने आ सकती हैं।
नासिक अदालत से स्वीकृति लेने के बाद साध्वी को अपराह्न फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी में वैज्ञानिक परीक्षण के लिए लाया गया। अदालत ने कल गिरफ्तार किए गए और 15 नवंबर तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेजे गए कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित का वैज्ञानिक परीक्षण करने की स्वीकृति दे दी है।एटीएस ने साध्वी के अन्य सहयोगी शामलाल साहू और शिवनारायणसिंह की वैज्ञानिक जाँच के लिए अदालत में याचिका दाखिल की है, जो अभी तक लंबित है। मालेगाँव विस्फोट मामले में गिरफ्तार साध्वी प्रज्ञासिंह ठाकुर अपने मूलभूत अधिकारों के उल्लंघन के मामले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से गुहार लगाएँगी।
इस बीच साध्वी की वकील गणेश सोवानी ने कहा हम लोग इस मामले में निश्चित तौर पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराएँगे। अभी तक हमें आवश्यक दस्तावेज नहीं मिले हैं।पुलिस ने बताया प्रज्ञा की बहन प्रतिभा झा ने आतंकवाद निरोधक दस्ते के कार्यालय का दौरा किया था, लेकिन बहन से मिलने की अनुमति उन्हें नहीं दी गई। प्रतिभा बुधवार को भी उनसे मिलने में सफल नहीं हो सकी थी।

1 टिप्पणियाँ:

ummed Singh Baid "saadahak " ने कहा…

प्रज्ञा सिंह का मामला,हिन्दु-ह्रदय का ज्वाल.
जित्तनी होती ज्यादती, उतना बढे उबाल .
उतना बढे उबाल,गिन रहे एक-एक हरकत.
दुष्ट प्रशासन को उलटी पङ जाय्रे ये हरकत.
कह साधक कवि,होने दो यह गरम मामला.
हिन्दु-ह्रदय का ज्वाल,प्रज्ञा सिंह का मामला.

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